लेखक: Sarkari Jankari Guide | अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
बिहार में आवास योजना का इंतजार करने वाले परिवार बहुत हैं। कई जगह आज भी कच्चे घर, फूस की छत और हर बरसात में डर। ऐसे में PM Awas List Bihar 2026 में अपना नाम देखना कई परिवारों के लिए सबसे जरूरी काम है। इस लेख में हम सीधी भाषा में बता रहे हैं कि सूची कहां और कैसे देखें, बिहार में “ब्लॉक” को क्या कहते हैं, और नाम न मिले तो किसके पास जाएं।
हम कोई सरकारी संस्था नहीं हैं। यह साइट सिर्फ जानकारी देने के लिए है, नाम जोड़ने या हटाने का अधिकार सिर्फ सरकारी तंत्र के पास है।
PM Awas List Bihar 2026: पहले तीन शब्द समझ लीजिए
बिहार में पोर्टल चलाते समय ये तीन शब्द भ्रम पैदा करते हैं:
- प्रखंड (Block): पोर्टल पर “Block” का मतलब आपका प्रखंड है। जैसे पटना जिले में फुलवारी, दानापुर आदि।
- पंचायत: आपकी ग्राम पंचायत। एक पंचायत में कई गांव और टोले होते हैं।
- टोला: टोला पोर्टल पर अलग से नहीं दिखता। वह अपनी पंचायत के अंदर ही गिना जाता है।
अगर आपको अपने प्रखंड का नाम नहीं पता, तो राशन कार्ड या वोटर कार्ड पर देखें, या वार्ड सदस्य से पूछ लें।
सूची खोलने का तरीका
सरकारी रिपोर्ट पेज PMAY-G लाभार्थी रिपोर्ट पर जाएं।
पहला चरण: साल चुनें। बिहार में बड़ी संख्या में घर पिछले सालों में स्वीकृत हुए हैं, इसलिए 2023-24 से 2025-26 तक हर साल देखें।
दूसरा चरण: राज्य में BIHAR, फिर जिला, प्रखंड और पंचायत चुनें।
तीसरा चरण: योजना में Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin चुनें और कैप्चा भरकर Submit करें।
चौथा चरण: सूची में अपना नाम, पिता या पति का नाम मिलाएं और रजिस्ट्रेशन नंबर (BH से शुरू) लिख लें।
सूची बड़ी हो तो मोबाइल में ब्राउज़र के मेनू में “Find in page” से नाम खोजें।
बिहार के लिए कुछ खास बातें
बाढ़ वाले इलाके
उत्तर बिहार के कई जिले हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं। ऐसे इलाकों में घर बनाते समय नींव थोड़ी ऊंची रखना और मजबूत सामग्री इस्तेमाल करना समझदारी है। आवास योजना में आपदा-रोधी तकनीक पर भी जोर दिया जाता है। निर्माण से जुड़े नियम हमारी घर निर्माण नियम (25 वर्ग मीटर) गाइड में हैं।
बाहर काम करने वाले परिवार
बिहार के बहुत से पुरुष दूसरे राज्यों में मजदूरी करते हैं। सर्वे या जियो-टैगिंग के समय लाभार्थी का मौजूद होना जरूरी हो सकता है। अगर घर का मुखिया बाहर है, तो पंचायत से पहले ही पूछ लें कि फोटो या सत्यापन की तारीख क्या है, ताकि उसी समय घर लौटा जा सके। कई परिवारों में घर महिला के नाम पर या संयुक्त नाम पर स्वीकृत होता है, जिससे यह परेशानी कम होती है। इसके बारे में महिला स्वामित्व के नियम पढ़ें।
बिना जमीन वाले परिवार
बिहार में भूमिहीन परिवारों की संख्या भी काफी है। ऐसे परिवारों को जमीन मिलने के बाद ही घर बन पाता है। राज्य सरकार की योजनाओं से जमीन मिलने की प्रक्रिया अलग होती है। विस्तार से भूमिहीन परिवार नियम में बताया है।
नाम मिल गया, अब ये तीन काम तुरंत करें
| काम | क्यों जरूरी |
|---|---|
| — | — |
| रजिस्ट्रेशन नंबर लिखें | स्टेटस, किस्त, शिकायत सबमें लगता है |
| बैंक में आधार सीडिंग जांचें | बिना सीडिंग के DBT फेल हो सकता है |
| आवास सहायक का नंबर लें | फोटो और किस्त के लिए यही संपर्क |
नाम नहीं मिला तो क्या करें?
सबसे पहले अपनी खोज जांचें: सही प्रखंड, सही पंचायत, सही साल। फिर भी न मिले तो:
- पंचायत सचिव से पूछें कि आपका नाम आवास प्लस सर्वे में दर्ज है या नहीं।
- अगर सर्वे में नाम है लेकिन अपात्र किया गया, तो कारण पूछें।
- गलत कारण से नाम कटा हो, तो प्रखंड कार्यालय में लिखित आवेदन दें। पूरा तरीका Rejected List गाइड में है।
- सर्वे में नाम ही नहीं है, तो अगला सर्वे कब है, यह सर्वे लास्ट डेट 2026 में देखें।
एक अनुभव जो काम आएगा
गया जिले के एक पाठक ने बताया कि उनके गांव में एक व्यक्ति हर परिवार से “सूची में नाम चढ़ाने” के नाम पर 2-2 हजार रुपये ले रहा था। बाद में पता चला कि कई परिवारों का नाम पहले से सूची में था, और जिनका नहीं था उनका पैसे देने के बाद भी नहीं जुड़ा। सूची में नाम सर्वे और सत्यापन से जुड़ता है, किसी को पैसे देने से नहीं। ठगी से बचने के तरीके यहां पढ़ें।
पैसा कितना और कैसे आता है
बिहार में मैदानी क्षेत्र वाली राशि लागू होती है, जो किस्तों में सीधे बैंक खाते में आती है। हर किस्त निर्माण के चरण और जियो-टैग फोटो के बाद जारी होती है। किस्त की पूरी जानकारी किस्त और राशि गाइड में है, और फोटो कैसे अपलोड होती है, यह जियो-टैगिंग गाइड में।
शिकायत कहां करें
प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के कार्यालय में लिखित शिकायत दें और रिसीविंग लें। बिहार में लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून के तहत भी शिकायत दर्ज की जा सकती है, जिसमें सुनवाई की तय समय-सीमा होती है। राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर हेल्पलाइन गाइड में देखें।
एक और स्थानीय बात
बिहार में कई पंचायतों में सूची की एक प्रति ग्राम सभा में पढ़ी जाती है। अगर आप बाहर रहते हैं, तो परिवार के किसी सदस्य को उस बैठक में भेजें और नाम लिखवाकर रखें।
आवास सहायक और पंचायत रोजगार सेवक का रोल
बिहार में आवास योजना के जमीनी काम में आवास सहायक की बड़ी भूमिका होती है। वही निर्माण के हर चरण की फोटो लेते हैं, लाभार्थी को किस्त की जानकारी देते हैं और प्रखंड को रिपोर्ट भेजते हैं। पंचायत रोजगार सेवक मनरेगा की मजदूरी से जुड़ा काम देखते हैं। अपने आवास सहायक का नाम और नंबर घर पर लिखकर रखें। अगर वह बदल जाए, तो प्रखंड कार्यालय से नए सहायक की जानकारी लें।
किस्त का हिसाब रखने का आसान तरीका
एक छोटी कॉपी में ये कॉलम बनाएं: किस्त, राशि, तारीख, किस चरण के बाद आई। हर बार पासबुक अपडेट करवाकर इसमें लिखें। अगर किसी किस्त में देरी हो, तो यही रिकॉर्ड प्रखंड में दिखाने से बात जल्दी होती है। मनरेगा की मजदूरी भी अलग से आती है, उसका हिसाब अलग रखें: मनरेगा मजदूरी और शौचालय लाभ।
बिहार में सूची से जुड़ी आम भ्रांतियां
- “वार्ड सदस्य नाम जोड़ सकते हैं”: वार्ड सदस्य मदद कर सकते हैं, लेकिन नाम सर्वे और सत्यापन से ही जुड़ता है।
- “एक बार नाम कट गया तो कभी नहीं आएगा”: सही कारण होने पर आपत्ति और अगले सर्वे दोनों रास्ते खुले रहते हैं।
- “इंदिरा आवास मिला था, फिर भी नया मिलेगा”: पहले किसी सरकारी आवास योजना का लाभ ले चुके परिवार आम तौर पर दोबारा पात्र नहीं होते।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिहार की आवास सूची में प्रखंड कहां चुनें?
पोर्टल पर “Block” वाले विकल्प में अपना प्रखंड चुनें।
टोले का नाम सूची में क्यों नहीं दिखता?
टोला अलग से दर्ज नहीं होता, वह पंचायत के अंदर आता है। पंचायत चुनकर नाम खोजें।
घर का मुखिया बाहर काम करता है, फिर भी घर मिलेगा?
हां, पात्र होने पर मिलेगा। लेकिन सत्यापन या फोटो के समय मौजूद रहना पड़ सकता है, इसलिए पंचायत से तारीख पहले पूछें।
बिहार में लोक शिकायत में आवास की शिकायत कर सकते हैं?
हां, सरकारी योजना से जुड़ी शिकायत लोक शिकायत निवारण व्यवस्था में दर्ज कराई जा सकती है।
क्या सूची का प्रिंट पंचायत भवन में भी लगता है?
कई जगह ग्राम सभा में सूची पढ़ी जाती है और पंचायत भवन पर लगाई जाती है। अपनी पंचायत से पूछें।
हमने कैसे जांचा
यह लेख ग्रामीण आवास रिपोर्ट पेज, PMAY-G दिशानिर्देश और बिहार के पाठकों के अनुभवों के आधार पर लिखा गया है। अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026।