PMAY-G लाभ राशि 2026 और किस्त कब मिलती है

लेखक: Sarkari Jankari Guide | अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026

PM Awas Gramin paisa कितना मिलता है और किस्तें कब आती हैं, यह हर लाभार्थी जानना चाहता है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में मैदानी इलाकों में एक घर के लिए ₹1,20,000 और पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, कठिन भौगोलिक क्षेत्रों तथा IAP जिलों में ₹1,30,000 की सहायता दी जाती है। यह पैसा एक साथ नहीं आता, बल्कि निर्माण के चरणों के हिसाब से किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है। इसके ऊपर मनरेगा की मजदूरी और शौचालय की राशि अलग से मिल सकती है।

यह जानकारी स्वतंत्र रूप से दी जा रही है। यह वेबसाइट सरकारी नहीं है। आपके राज्य में किस्तों का बंटवारा थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए ब्लॉक कार्यालय से पुष्टि करें।

PM Awas Gramin paisa: कुल सहायता एक नज़र में

सहायता का प्रकारमैदानी क्षेत्रपहाड़ी/पूर्वोत्तर/IAP क्षेत्र
———
घर निर्माण सहायता₹1,20,000₹1,30,000
मनरेगा अकुशल मजदूरी90 दिन95 दिन
शौचालय (स्वच्छ भारत मिशन)₹12,000 तक₹12,000 तक
बैंक से वैकल्पिक लोन₹70,000 तक (इच्छा हो तो)₹70,000 तक

मनरेगा मजदूरी की राशि आपके राज्य की दैनिक मजदूरी दर पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, अगर दर ₹250 प्रतिदिन है, तो 90 दिन की मजदूरी लगभग ₹22,500 होगी। मजदूरी और शौचालय का पूरा हिसाब PMAY-G में मनरेगा मजदूरी और शौचालय सहायता में दिया गया है।

किस्तें कितनी और कब आती हैं

ज्यादातर राज्यों में राशि तीन किस्तों में दी जाती है। हर किस्त तभी जारी होती है जब पिछले चरण का काम पूरा हो और उसकी जियो-टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड हो।

किस्तकब मिलती हैआम तौर पर राशि (मैदानी)
———
पहली किस्तघर स्वीकृत होने के बाद, काम शुरू करने के लिएलगभग ₹30,000–₹40,000
दूसरी किस्तप्लिंथ (नींव) या लिंटल स्तर पूरा होने परलगभग ₹40,000–₹70,000
तीसरी किस्तछत डलने और घर लगभग पूरा होने परशेष राशि

कुछ राज्य चार किस्तों में भी पैसा देते हैं। आपकी स्वीकृति पर्ची या पोर्टल पर “Installment Details” में सही राशि लिखी होती है।

जियो-टैगिंग का किस्त से क्या संबंध है

हर चरण का काम पूरा होने पर आवास मित्र, ग्राम रोजगार सहायक या पंचायत कर्मचारी AwaasApp से घर की फोटो लेता है। फोटो के साथ GPS लोकेशन दर्ज होती है। फोटो अपलोड होने और ब्लॉक से मंजूरी मिलने के बाद अगली किस्त का FTO (Fund Transfer Order) बनता है। इसलिए अगर काम पूरा है पर फोटो टैग नहीं हुई, तो किस्त अटक जाएगी।

घर का न्यूनतम आकार और गुणवत्ता

सहायता तभी पूरी मिलती है जब घर कम से कम 25 वर्ग मीटर का हो और उसमें रसोई के लिए अलग जगह हो। घर पक्का होना चाहिए, यानी आपदा-रोधी डिज़ाइन, पक्की दीवार और पक्की छत। डिज़ाइन और गुणवत्ता के नियम PMAY-G घर बनाने के नियम: 25 वर्ग मीटर में विस्तार से हैं।

अपनी किस्त की स्थिति कैसे देखें

  1. PMAY-G लाभार्थी खोज पेज खोलें।
  2. रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर Submit करें।
  3. “Payment/Installment” वाले हिस्से में देखें कि कौन-सी किस्त किस तारीख को, कितनी राशि में और किस खाते में भेजी गई।
  4. बैंक पासबुक में उसी तारीख के आसपास “PMAYG” या “DBT” वाली एंट्री मिलाएं।

अगर नंबर नहीं पता तो PMAY-G रजिस्ट्रेशन नंबर कैसे खोजें देखें।

किस्त देर से आने के आम कारण

  • प्रगति की जियो-टैग फोटो समय पर अपलोड नहीं हुई।
  • बैंक खाता आधार से जुड़ा नहीं है या खाता निष्क्रिय है।
  • पोर्टल और बैंक में नाम की स्पेलिंग अलग है।
  • राज्य के पास उस समय फंड की कमी है। ऐसी देरी कभी-कभी कई हफ्तों तक चलती है।
  • घर का काम तय डिज़ाइन से अलग हुआ या आकार 25 वर्ग मीटर से कम है।

समाधान के कदम PMAY-G किस्त अटक गई वाले लेख में बताए गए हैं।

क्या ₹1.20 लाख में घर बन जाता है?

ईमानदारी से कहें तो अकेले इस राशि में पूरा घर बनाना कठिन होता है, खासकर जहां ईंट, सीमेंट और सरिया महंगे हैं। इसलिए लाभार्थी अक्सर ये रास्ते अपनाते हैं:

  • परिवार के सदस्य मनरेगा के तहत खुद मजदूरी करते हैं, जिससे मजदूरी का पैसा भी परिवार में ही रहता है।
  • राज्य की ओर से कभी-कभी अतिरिक्त टॉप-अप सहायता दी जाती है। ब्लॉक से पूछें।
  • बैंक से ₹70,000 तक का वैकल्पिक लोन लिया जा सकता है, लेकिन लौटाने की क्षमता देखकर ही लें।
  • स्थानीय सामग्री (जैसे फ्लाई ऐश ईंट) और राज्य के स्वीकृत डिज़ाइन से लागत घटती है।

शहरी योजना से तुलना

शहरों के लिए PMAY-U 2.0 में सहायता की राशि और नियम अलग हैं। दोनों का अंतर PMAY-G और PMAY-U 2.0 में अंतर में पढ़ें।

उदाहरण: एक परिवार को कुल कितना लाभ

मान लीजिए मध्य प्रदेश के किसी गांव में रामलाल जी का घर स्वीकृत हुआ, और राज्य की मनरेगा मजदूरी ₹261 प्रतिदिन है। तब उनका अनुमानित हिसाब कुछ ऐसा होगा:

मदराशि (अनुमानित)
——
PMAY-G घर सहायता₹1,20,000
मनरेगा 90 दिन × ₹261₹23,490
शौचालय सहायता (अगर शौचालय नहीं है)₹12,000
कुललगभग ₹1,55,490

यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है। मजदूरी दर हर राज्य में और हर साल बदलती है। अपनी दर पंचायत के मनरेगा रोजगार सहायक से पूछें। शौचालय की राशि तभी मिलती है जब परिवार के पास पहले से शौचालय न हो और उसने पहले यह लाभ न लिया हो।

पैसा किसके खाते में जाता है

किस्त हमेशा उसी लाभार्थी के खाते में जाती है जिसके नाम घर स्वीकृत है, या महिला-पुरुष के संयुक्त खाते में। ठेकेदार, सरपंच या किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में किस्त भेजने का नियम नहीं है। अगर कोई कहे कि “पैसा मेरे खाते में आएगा, मैं घर बनवा दूंगा”, तो सावधान रहें। निर्माण आप खुद या अपने भरोसेमंद मिस्त्री से करवाएं और सामग्री की रसीदें संभालकर रखें।

किस्त का पैसा कैसे खर्च करें: व्यावहारिक सुझाव

पहली किस्त आते ही बहुत से परिवार पूरी राशि ईंट खरीदने में लगा देते हैं और नींव के लिए सीमेंट-सरिया कम पड़ जाता है। इससे काम रुकता है और दूसरी किस्त भी देर से आती है। बेहतर है कि पहली किस्त को नींव और प्लिंथ तक के काम के हिसाब से बांटें: खुदाई, नींव की चिनाई, प्लिंथ बीम और जियो-टैग फोटो। दूसरी किस्त से दीवारें और लिंटल, तीसरी से छत, दरवाजे-खिड़की और प्लास्टर करवाएं। हर खरीद की पक्की रसीद लें। निरीक्षण के समय यह काम आती है और परिवार में हिसाब भी साफ रहता है।

किस्त का SMS या पासबुक एंट्री कैसे पहचानें

बैंक के SMS में अक्सर “PMAYG”, “RD-PMAY” या “DBT” जैसा शब्द और राशि लिखी होती है। पासबुक प्रिंट करवाते समय उस तारीख के आसपास की एंट्री देखें। अगर राशि पोर्टल पर दिखी राशि से अलग है, तो पहले देखें कि कहीं वह मनरेगा मजदूरी तो नहीं, फिर पंचायत से मिलान करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

PM Awas Gramin में कुल कितना पैसा मिलता है?

मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/पूर्वोत्तर/IAP क्षेत्र में ₹1.30 लाख। इसके अलावा मनरेगा की 90–95 दिन की मजदूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 तक।

पहली किस्त कितने दिन में आती है?

स्वीकृति और आधार-सीडेड खाते की पुष्टि के बाद आमतौर पर कुछ हफ्तों में। राज्य के फंड पर भी निर्भर करता है।

क्या पूरी राशि एक साथ मिल सकती है?

नहीं, राशि निर्माण के चरणों के हिसाब से किस्तों में ही मिलती है।

तीसरी किस्त के बाद कुछ बचता है?

घर पूरा होने पर पोर्टल पर “Completed” दर्ज होता है। मनरेगा मजदूरी का भुगतान अलग से होता रहता है।

हमने कैसे जांचा

राशि और किस्तों की जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय की PMAY-G फ्रेमवर्क फॉर इम्प्लीमेंटेशन और लाभार्थी पेज पर दिखने वाले भुगतान विवरण से मिलाई गई है। किस्तों का बंटवारा राज्य के आदेश पर निर्भर करता है। अंतिम समीक्षा: 15 अक्टूबर 2026।