लेखक: Sarkari Jankari Guide | अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश में गांव-गांव में एक ही सवाल सुनाई देता है: “हमारा नाम आवास की लिस्ट में आया या नहीं?” PM Awas List UP 2026 देखना मुश्किल नहीं है, बस सही जगह और सही क्रम पता होना चाहिए। UP बहुत बड़ा राज्य है, 75 जिले हैं और हर जिले में दर्जनों ब्लॉक। इसलिए यहां सबसे ज्यादा गलती जिला या ब्लॉक चुनने में होती है। इस लेख में हम आपको बिल्कुल वैसे बता रहे हैं जैसे पंचायत भवन में बैठकर किसी को समझाया जाता है।
पहले एक बात साफ कर दें: यह वेबसाइट सरकार से जुड़ी नहीं है। हम सिर्फ प्रक्रिया आसान भाषा में समझाते हैं। सूची हमेशा सरकारी पोर्टल पर ही देखें।
PM Awas List UP 2026: UP की लिस्ट में नाम कहां दिखता है?
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की लाभार्थी सूची केंद्र सरकार के ग्रामीण आवास पोर्टल की रिपोर्ट में होती है। यहां आप राज्य में “UTTAR PRADESH” चुनते हैं, फिर जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत। सूची में लाभार्थी का नाम, पिता/पति का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, स्वीकृति का साल और किस्त की स्थिति जैसी जानकारी दिखती है।
सरकारी रिपोर्ट पेज: PMAY-G लाभार्थी रिपोर्ट
नाम देखने का तरीका, एक-एक कदम
- ऊपर दिया रिपोर्ट पेज खोलें। मोबाइल पर दिक्कत हो तो ब्राउज़र में “Desktop site” चालू करें।
- “Selection Filters” में साल चुनें, जैसे 2025-2026। पुराने आवेदन हैं तो पिछले साल भी देखें।
- राज्य में UTTAR PRADESH चुनें।
- अपना जिला चुनें, फिर ब्लॉक (विकास खंड) और फिर ग्राम पंचायत।
- Scheme वाले ड्रॉपडाउन में PMAY-G (Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin) चुनें।
- स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा सवाल हल करें और Submit दबाएं।
- पूरी पंचायत की सूची खुलेगी। Ctrl+F से अपना नाम खोजें।
UP में सबसे ज्यादा होने वाली गलतियां
| गलती | क्या होता है | सही तरीका |
|---|---|---|
| — | — | — |
| तहसील को ब्लॉक समझ लेना | गांव ड्रॉपडाउन में नहीं आता | ब्लॉक (विकास खंड) का नाम पंचायत सचिव से पूछें |
| नया जिला/पुराना जिला | कुछ गांव नए बने जिले में चले गए | दोनों जिलों में देखें |
| सिर्फ चालू साल देखना | पुरानी स्वीकृति नहीं दिखती | 2-3 साल पीछे तक देखें |
| हिंदी नाम खोजना | सूची अंग्रेजी अक्षरों में होती है | पिता के नाम से भी खोजें |
| मजरा का नाम खोजना | मजरा अलग से दर्ज नहीं होता | मुख्य ग्राम पंचायत चुनें |
UP में बहुत से गांव “मजरा” या “पुरवा” के रूप में बसे होते हैं। पोर्टल पर ये अलग से नहीं दिखते, बल्कि अपनी ग्राम पंचायत के अंदर आते हैं। अगर आपका पुरवा किसी बड़ी पंचायत में आता है, तो उसी पंचायत को चुनें।
सूची में नाम है, तो आगे क्या?
नाम दिख गया तो खुश होइए, लेकिन काम यहीं खत्म नहीं होता। सूची में नाम का मतलब है कि आपका घर स्वीकृत (Sanctioned) है या पात्र सूची में है। अब ये बातें देखें:
- आपका रजिस्ट्रेशन नंबर लिख लें। आगे हर काम इसी से होगा।
- स्टेटस में देखें कि पहली किस्त आई या नहीं: PMAY-G स्टेटस कैसे देखें
- अगर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पता, तो यह गाइड देखें: रजिस्ट्रेशन नंबर कैसे निकालें
- बैंक खाता आधार से जुड़ा और DBT के लिए सक्रिय हो, वरना पैसा अटक सकता है।
किस्त कितनी मिलती है, यह समझने के लिए हमारी PM Awas किस्त और राशि गाइड पढ़ें। UP मैदानी राज्य में गिना जाता है, इसलिए यहां मैदानी क्षेत्र वाली राशि लागू होती है।
नाम नहीं मिला? घबराएं नहीं
UP में हर साल लाखों नए नाम जुड़ते हैं, लेकिन सबका नाम एक साथ नहीं आता। नाम न मिलने के आम कारण ये हैं:
- आपका सर्वे हुआ ही नहीं, या आवास प्लस सर्वे में नाम दर्ज नहीं हुआ।
- सर्वे हुआ, लेकिन सत्यापन में आप अपात्र माने गए, जैसे पक्का मकान, चार पहिया वाहन या नौकरी वाले सदस्य के कारण।
- सूची अभी उस साल के लक्ष्य तक पहुंची ही नहीं है।
- नाम की स्पेलिंग अलग है और आप खोज नहीं पा रहे।
अगर नाम रिजेक्ट हुआ है, तो उसका कारण जानने और आगे क्या करना है, यह हमने PM Awas Rejected List गाइड में बताया है। सर्वे की तारीख और नया सर्वे कब खुलेगा, इसके लिए PM Awas सर्वे लास्ट डेट 2026 देखें।
गांव की असली स्थिति: एक उदाहरण
सीतापुर जिले के एक गांव के रामकिशोर जी ने हमें बताया था कि उनका नाम सूची में नहीं मिल रहा। जांच करने पर पता चला कि वे गलत ब्लॉक चुन रहे थे, क्योंकि उनका गांव तहसील तो दूसरी में था, लेकिन ब्लॉक अलग था। सही ब्लॉक चुनते ही पंचायत की सूची खुली और उनका नाम 2024-25 की स्वीकृत सूची में मिल गया। पहली किस्त भी आ चुकी थी, बस उन्हें पता नहीं था क्योंकि SMS पुराने नंबर पर जा रहे थे।
यह उदाहरण इसलिए जरूरी है, क्योंकि बहुत से लोग नाम न मिलने पर तुरंत मान लेते हैं कि उनका नाम कट गया। पहले खुद अपनी खोज की जांच करें।
UP में किससे संपर्क करें
| काम | किससे मिलें |
|---|---|
| — | — |
| सूची में नाम, सर्वे | ग्राम पंचायत सचिव / ग्राम रोजगार सेवक |
| जियो-टैगिंग, निर्माण की स्थिति | ब्लॉक का आवास सहायक / ABDO |
| किस्त की देरी | खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय |
| शिकायत जिस पर सुनवाई न हो | मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 |
राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नंबर एक जगह देखने के लिए PM Awas हेल्पलाइन नंबर वाली गाइड देखें।
सूची देखते समय सावधानी
UP में कई लोग गांव में आकर कहते हैं, “पैसे दो, लिस्ट में नाम डलवा देंगे।” ऐसा कोई तरीका नहीं होता। सूची सर्वे और सत्यापन से बनती है, किसी के पैसे देने से नहीं। ऐसे लोगों से बचें और शिकायत करें। धोखाधड़ी के तरीके हमने फर्जी वेबसाइट और ठगी से बचाव में बताए हैं।
UP में सूची देखने से पहले तैयारी
सूची खोलने से पहले ये जानकारी एक कागज पर लिख लें: जिले का सही नाम, विकास खंड का नाम, ग्राम पंचायत का नाम, मुखिया का नाम अंग्रेजी में और पिता या पति का नाम। अगर पहले कभी आवास के लिए सर्वे हुआ था, तो उस साल का भी अंदाजा लिखें। यह तैयारी पांच मिनट की है, लेकिन इससे सूची में खोज बहुत जल्दी हो जाती है। अगर घर में कोई पढ़ा-लिखा युवा है, तो उसे साथ बैठाकर एक बार पूरा तरीका सिखा दें, ताकि हर बार किसी कैफे या दूसरे पर निर्भर न रहना पड़े।
पुराने साल की सूची क्यों देखें
बहुत से परिवारों का नाम 2016-17 से 2021-22 के बीच की सूची में होता है, लेकिन वे सिर्फ चालू साल देखते हैं। अगर आपके गांव में पहले भी आवास बने हैं, तो उन सालों की सूची खोलकर देखें। हो सकता है आपका नाम पुराने लक्ष्य में स्वीकृत हुआ हो और किसी कारण से काम आगे न बढ़ा हो। ऐसी स्थिति में BDO कार्यालय से अपनी फाइल की स्थिति जरूर पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या UP की आवास सूची मोबाइल पर देख सकते हैं?
हां, मोबाइल ब्राउज़र में रिपोर्ट पेज खुल जाता है। “Desktop site” चालू करने से फिल्टर ठीक दिखते हैं।
UP की PM Awas सूची में नाम हिंदी में दिखता है?
ज्यादातर नाम अंग्रेजी अक्षरों में दर्ज होते हैं, इसलिए अंग्रेजी में ही खोजें।
मेरा गांव ड्रॉपडाउन में नहीं है, क्या करूं?
मजरा या पुरवा अलग नहीं दिखता। अपनी ग्राम पंचायत का नाम चुनें और ब्लॉक सही है या नहीं, यह जांचें।
सूची में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्यों?
अक्सर बैंक खाते में आधार सीडिंग या DBT की समस्या होती है, या किस्त की प्रक्रिया अभी चल रही होती है। स्टेटस देखें और BDO कार्यालय से पूछें।
क्या सूची में नाम डलवाने के लिए फीस लगती है?
नहीं, कोई फीस नहीं लगती। पैसे मांगने वाले से सावधान रहें।
हमने कैसे जांचा
यह गाइड सरकारी ग्रामीण आवास रिपोर्ट पेज के फिल्टर, PMAY-G दिशानिर्देश और पाठकों के बताए अनुभवों के आधार पर लिखी गई है। अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026। पोर्टल का डिज़ाइन बदल सकता है, इसलिए स्क्रीन पर दिख रहे विकल्प थोड़े अलग हो सकते हैं।
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