लेखक: Sarkari Jankari Guide | अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
“हेल्पलाइन पर फोन किया, किसी ने उठाया ही नहीं।” “जिस नंबर पर फोन किया उसने पैसे मांग लिए।” ये दोनों बातें हमें अक्सर सुनने को मिलती हैं। पहली समस्या धैर्य और सही समय से हल होती है, दूसरी गंभीर है, क्योंकि इंटरनेट पर कई नकली “आवास योजना कस्टमर केयर” नंबर घूमते हैं। इसलिए इस लेख में हम PM Awas helpline number की सही जानकारी, किस समस्या के लिए कौन-सा नंबर, और फोन करने का सही तरीका बता रहे हैं।
साफ कर दें: यह साइट सरकार की नहीं है और हमारा कोई हेल्पलाइन नंबर नहीं है। हम आपको सरकारी नंबरों तक पहुंचने में मदद करते हैं।
PM Awas helpline number: सबसे जरूरी नंबर एक नजर में
| किसके लिए | नंबर / माध्यम | नोट |
|---|---|---|
| — | — | — |
| PMAY-G (ग्रामीण) | 1800-11-6446 (टोल-फ्री) | ग्रामीण आवास से जुड़ी जानकारी |
| PMAY-U (शहरी) | 1800-11-3377 / 1800-11-3388 | शहरी आवास के लिए |
| केंद्रीय शिकायत पोर्टल | CPGRAMS (pgportal.gov.in) | ऑनलाइन लिखित शिकायत |
| उत्तर प्रदेश | 1076 | मुख्यमंत्री हेल्पलाइन |
| मध्य प्रदेश | 181 | CM हेल्पलाइन |
| राजस्थान | 181 | राजस्थान संपर्क |
नंबर कभी-कभी बदलते हैं। कॉल करने से पहले सरकारी पोर्टल पर नंबर की पुष्टि कर लें। शिकायत दर्ज करने का सरकारी पोर्टल: CPGRAMS पंजीकरण।
फोन से पहले नहीं, नीचे से शुरू करें
बहुत लोग सीधे राष्ट्रीय हेल्पलाइन पर फोन करते हैं, जबकि उनकी समस्या पंचायत स्तर पर 10 मिनट में हल हो सकती है। सही क्रम यह है:
पहला स्तर: पंचायत। सर्वे, सूची में नाम, जियो-टैगिंग फोटो जैसी बातें पंचायत सचिव और आवास सहायक संभालते हैं।
दूसरा स्तर: ब्लॉक/जनपद। स्वीकृति, किस्त, FTO, अधिकारी का सत्यापन।
तीसरा स्तर: जिला। जिला ग्रामीण विकास एजेंसी या जिला पंचायत।
चौथा स्तर: राज्य की CM हेल्पलाइन। जब नीचे सुनवाई न हो।
पांचवां स्तर: राष्ट्रीय हेल्पलाइन / CPGRAMS। नीतिगत सवाल या लंबी देरी।
शहरी योजना में पहला स्तर नगर निगम या नगर पालिका का PMAY सेल है।
किस समस्या के लिए कहां जाएं
नाम सूची में नहीं है
पंचायत सचिव से सर्वे की स्थिति पूछें। नाम कटा हो तो Rejected List गाइड देखें। हेल्पलाइन यहां सिर्फ जानकारी दे सकती है, नाम नहीं जोड़ सकती।
किस्त नहीं आई
पहले स्टेटस देखें: PMAY-G स्टेटस। फोटो अटकी हो तो आवास सहायक, FTO फेल हो तो बैंक और ब्लॉक। विस्तार से किस्त नहीं आई तो क्या करें में।
कोई पैसे मांग रहा है
यह भ्रष्टाचार है। ब्लॉक अधिकारी को लिखित शिकायत दें, और राज्य की CM हेल्पलाइन पर भी दर्ज करें। तरीका शिकायत गाइड में है।
शहरी आवेदन का स्टेटस
पहले खुद देखें: PMAY Urban स्टेटस। फिर नगर निकाय या शहरी हेल्पलाइन।
कॉल करने का सही तरीका
फोन पर बात कम समय में होती है, इसलिए यह तैयारी रखें:
- रजिस्ट्रेशन नंबर या आवेदन आईडी।
- राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत का नाम।
- समस्या एक लाइन में, जैसे “दूसरी किस्त 4 महीने से नहीं आई, नींव की फोटो हो चुकी है।”
- कागज-पेन, ताकि शिकायत नंबर लिख सकें।
कॉल करने का अच्छा समय कार्यदिवसों में सुबह 10 से 12 या दोपहर 3 के बाद है। सोमवार सुबह भीड़ ज्यादा रहती है।
नकली हेल्पलाइन कैसे पहचानें
- नंबर किसी साधारण मोबाइल नंबर जैसा है (10 अंकों वाला निजी नंबर)।
- फोन पर “रजिस्ट्रेशन फीस”, “फाइल चार्ज” या “जल्दी किस्त” के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं।
- OTP, ATM PIN या UPI PIN पूछा जाता है।
- WhatsApp पर लिंक भेजकर ऐप डाउनलोड करवाया जाता है।
असली सरकारी हेल्पलाइन कभी OTP या PIN नहीं मांगती। ठगी के और तरीके फर्जी वेबसाइट और ठगी से बचाव में बताए हैं।
एक अनुभव
एक पाठक ने इंटरनेट पर “PM Awas customer care” खोजा और पहला नंबर मिलाया। सामने वाले ने कहा कि ₹1,500 “प्रोसेसिंग फीस” देने पर नाम सूची में आ जाएगा। उन्होंने भुगतान कर दिया और फिर वह नंबर बंद हो गया। बाद में पंचायत से पता चला कि उनका नाम सर्वे में था ही नहीं, और अगले सर्वे का इंतजार करना था। पैसे वापस नहीं आए। साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
लिखित शिकायत क्यों बेहतर है
फोन पर बात का कोई सबूत नहीं रहता। लिखित शिकायत, चाहे ब्लॉक कार्यालय में दी गई हो या CPGRAMS पर, उसका नंबर और तारीख रहती है। फॉलो-अप में यही काम आता है। CPGRAMS पर शिकायत दर्ज करते समय मंत्रालय में ग्रामीण विकास (ग्रामीण आवास) या आवास और शहरी कार्य (शहरी आवास) चुनें।
शिकायत का फॉलो-अप कैसे करें
शिकायत दर्ज करने के बाद मिला नंबर एक कॉपी में लिखें, साथ में तारीख और किस अधिकारी से बात हुई। CM हेल्पलाइन में शिकायत आम तौर पर स्तर-दर-स्तर ऊपर जाती है, अगर नीचे के स्तर पर तय समय में हल न हो। बीच में आपको फोन आ सकता है कि “क्या आप संतुष्ट हैं?” अगर समस्या हल नहीं हुई, तो साफ कहें कि आप संतुष्ट नहीं हैं। संतुष्ट कहने पर शिकायत बंद हो जाती है।
CPGRAMS पर शिकायत की स्थिति रजिस्ट्रेशन नंबर से ऑनलाइन देखी जा सकती है। अगर जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो वहां “Appeal” का विकल्प भी मिलता है।
बुजुर्गों और अनपढ़ लाभार्थियों के लिए
अगर घर में कोई फोन पर बात नहीं कर सकता, तो पंचायत के किसी भरोसेमंद व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह की दीदी या स्कूल के शिक्षक की मदद ले सकते हैं। लेकिन अपना OTP, बैंक PIN या पासबुक किसी को न दें। शिकायत लिखवाने के लिए सिर्फ रजिस्ट्रेशन नंबर और समस्या बताना काफी है।
अलग-अलग समस्याओं के लिए एक लाइन वाले नमूने
| समस्या | फोन पर ऐसे कहें |
|---|---|
| — | — |
| किस्त | “रजिस्ट्रेशन नंबर ___, नींव की फोटो ___ तारीख को हुई, दूसरी किस्त नहीं आई।” |
| फोटो | “लिंटर पूरा है, आवास सहायक 3 हफ्ते से फोटो लेने नहीं आए।” |
| पैसे मांगना | “___ नाम के व्यक्ति ने किस्त के बदले ___ रुपये मांगे।” |
| शहरी स्टेटस | “आवेदन आईडी ___, 4 महीने से Under Verification।” |
अपनी राज्य सूची में नाम और किस्त देखने के लिए PM Awas List MP 2026 जैसी राज्य गाइड काम आती हैं। जियो-टैग फोटो से जुड़ी शिकायत से पहले जियो-टैगिंग स्टेटस में अपनी स्थिति समझ लें।
राज्य के ग्रामीण विकास विभाग से संपर्क
हर राज्य में ग्रामीण विकास या पंचायत विभाग आवास योजना देखता है। विभाग की वेबसाइट पर अक्सर जिला स्तर के अधिकारियों के नंबर और ईमेल दिए होते हैं। लंबे समय से अटके मामलों में जिला स्तर के परियोजना अधिकारी को लिखित आवेदन देना असरदार रहता है। आवेदन में रजिस्ट्रेशन नंबर, समस्या, अब तक की गई शिकायतों के नंबर और तारीखें जरूर लिखें। इससे अधिकारी को पूरा मामला एक बार में समझ आ जाता है और बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
अंत में
किसी भी नंबर पर फोन करने से पहले याद रखें: हेल्पलाइन आपकी जानकारी और शिकायत आगे पहुंचाती है, फैसला संबंधित अधिकारी करते हैं। इसलिए साफ, छोटी और सबूत वाली शिकायत सबसे जल्दी सुनी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PM Awas Gramin का टोल-फ्री नंबर क्या है?
PMAY-G का टोल-फ्री नंबर 1800-11-6446 है। कॉल से पहले सरकारी पोर्टल पर पुष्टि कर लें।
क्या हेल्पलाइन पर फोन करने से नाम सूची में जुड़ सकता है?
नहीं। नाम सर्वे और सत्यापन से जुड़ता है। हेल्पलाइन जानकारी और शिकायत के लिए है।
MP में आवास की शिकायत कहां करें?
पहले जनपद पंचायत, फिर CM हेल्पलाइन 181।
कोई हेल्पलाइन के नाम पर पैसे मांगे तो?
भुगतान न करें। नंबर नोट करके पुलिस/साइबर हेल्पलाइन 1930 पर बताएं।
शहरी आवास का हेल्पलाइन नंबर अलग है?
हां, PMAY-U के नंबर अलग हैं। ऊपर की तालिका देखें।
हमने कैसे जांचा
नंबर PMAY-G/PMAY-U के सरकारी पोर्टल और राज्यों की सार्वजनिक सूचनाओं से लिए गए हैं। CPGRAMS पेज हमने खुद खोलकर देखा। अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026। नंबर बदल सकते हैं, कॉल से पहले पुष्टि करें।
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