लेखक: Sarkari Jankari Guide | अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
PM Awas MGNREGA majduri वह अतिरिक्त लाभ है जिसके बारे में बहुत से लाभार्थी जानते ही नहीं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में घर की सहायता राशि के अलावा, घर बनाते समय परिवार के सदस्य जो अकुशल मजदूरी करते हैं, उसका भुगतान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से होता है। मैदानी क्षेत्रों में 90 दिन और पहाड़ी, पूर्वोत्तर व कठिन क्षेत्रों में 95 दिन की मजदूरी दी जा सकती है। इसके साथ, अगर घर में शौचालय नहीं है, तो स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से ₹12,000 तक की सहायता भी मिलती है। इस लेख में दोनों लाभों का तरीका, शर्तें और आम दिक्कतें बताई गई हैं।
यह वेबसाइट सरकारी नहीं है। मजदूरी दर और भुगतान की प्रक्रिया आपके राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।
PM Awas MGNREGA majduri: मुख्य बातें
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| — | — |
| कितने दिन | 90 दिन (मैदानी), 95 दिन (पहाड़ी/पूर्वोत्तर/IAP) |
| दर | राज्य की अधिसूचित मनरेगा दैनिक मजदूरी |
| किसे | लाभार्थी परिवार के जॉब कार्ड धारक सदस्य |
| कैसे | मस्टर रोल में हाजिरी, फिर DBT से खाते में |
| कब | निर्माण के दौरान, चरणवार |
कितना पैसा बनता है: उदाहरण
| राज्य मजदूरी दर (अनुमानित) | 90 दिन | 95 दिन |
|---|---|---|
| — | — | — |
| ₹240 | ₹21,600 | ₹22,800 |
| ₹261 | ₹23,490 | ₹24,795 |
| ₹300 | ₹27,000 | ₹28,500 |
यह राशि घर की ₹1.20–1.30 लाख सहायता से अलग है। सहायता राशि का पूरा हिसाब PM Awas Gramin पैसा और किस्तें में है।
मजदूरी पाने के लिए स्टेप
- जॉब कार्ड: परिवार के पास मनरेगा जॉब कार्ड होना चाहिए। नहीं है तो पंचायत में आवेदन दें। कानून के अनुसार 15 दिन में बनना चाहिए।
- काम की मांग: घर स्वीकृत होने के बाद ग्राम रोजगार सहायक को बताएं कि आपके घर के निर्माण के लिए मनरेगा काम खोला जाए।
- कार्य स्वीकृति: पंचायत आपके घर को मनरेगा कार्य के रूप में दर्ज करती है और कार्य कोड बनता है।
- मस्टर रोल: जिस दिन परिवार का सदस्य अपने घर पर अकुशल काम (खुदाई, ईंट ढोना, मसाला बनाना) करे, उसकी हाजिरी मस्टर रोल में लगे।
- भुगतान: मस्टर रोल बंद होने के बाद FTO बनता है और मजदूरी सीधे जॉब कार्ड धारक के खाते में आती है।
किसके नाम पर मजदूरी आती है
मजदूरी उसी सदस्य के खाते में आती है जिसकी हाजिरी मस्टर रोल में लगी। इसलिए जो भी सदस्य काम करे, उसका नाम जॉब कार्ड में होना और उसका बैंक खाता आधार से जुड़ा होना जरूरी है। जॉब कार्ड और जरूरी कागजों की सूची PM Awas Gramin दस्तावेज 2026 में है।
शौचालय सहायता ₹12,000
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| — | — |
| पहले से शौचालय नहीं | परिवार के पास इस्तेमाल लायक शौचालय न हो |
| पहले लाभ न लिया हो | SBM में पहले ₹12,000 न मिले हों |
| निर्माण | घर के साथ या अलग, तय डिज़ाइन में |
| भुगतान | शौचालय पूरा होने और सत्यापन के बाद |
कई राज्यों में शौचालय की राशि PMAY-G के साथ ही जोड़कर दी जाती है, जबकि कुछ राज्यों में अलग से SBM के माध्यम से। पंचायत से पूछें कि आपके यहां कौन-सा तरीका है।
निर्माण में मजदूरी और गुणवत्ता का संतुलन
मनरेगा की मजदूरी अकुशल काम के लिए है। राजमिस्त्री (कुशल मजदूर) का भुगतान आपको सहायता राशि से करना होगा। अच्छा तरीका यह है कि खुदाई, सामग्री ढोना और तराई जैसे काम परिवार खुद करे, और दीवार, लिंटल व छत का काम प्रशिक्षित मिस्त्री करे। कई राज्यों में “ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण” के तहत प्रशिक्षित मिस्त्री उपलब्ध हैं। निर्माण के नियम PMAY-G घर बनाने के नियम: 25 वर्ग मीटर में पढ़ें।
मजदूरी न मिले तो क्या करें
| समस्या | संभावित कारण | उपाय |
|---|---|---|
| — | — | — |
| हाजिरी लगी पर पैसा नहीं | FTO रुका/खाता आधार से नहीं जुड़ा | रोजगार सहायक से FTO स्थिति पूछें, बैंक में सीडिंग जांचें |
| हाजिरी ही नहीं लगी | कार्य कोड नहीं खुला | पंचायत में लिखित मांग दें |
| कम दिन की मजदूरी | मस्टर रोल में कम हाजिरी | हाजिरी की कॉपी मांगें |
| किसी और के खाते में मजदूरी | गलत खाता दर्ज | BDO को लिखित शिकायत |
मनरेगा में 15 दिन के भीतर भुगतान का नियम है। देरी होने पर मुआवजे का भी प्रावधान है। शिकायत का तरीका PMAY-G शिकायत गाइड में है।
किस्त और मजदूरी में फर्क समझें
लोग अक्सर मनरेगा मजदूरी को PMAY-G की किस्त समझ लेते हैं। पासबुक में “NREGA” या “MGNREGS” लिखी एंट्री मजदूरी की है, जबकि “PMAYG” वाली एंट्री किस्त की। दोनों का हिसाब अलग रखें। किस्त का स्टेटस PMAY-G लाभार्थी खोज पेज पर देखें, और अगर किस्त रुकी है तो किस्त अटक गई: DBT समाधान पढ़ें।
अन्य योजनाओं से जुड़ाव
PMAY-G के लाभार्थियों को दूसरी योजनाओं से भी जोड़ा जाता है:
- उज्ज्वला योजना से LPG कनेक्शन
- सौभाग्य/राज्य योजना से बिजली कनेक्शन
- जल जीवन मिशन से नल का पानी
पंचायत से इन सबकी स्थिति भी पूछें।
मस्टर रोल की जानकारी खुद कैसे जांचें
मनरेगा की सार्वजनिक रिपोर्ट में पंचायत-वार कार्य और मस्टर रोल देखे जा सकते हैं। आसान तरीका यह है कि ग्राम रोजगार सहायक से अपने घर के कार्य कोड की जानकारी लें और पूछें कि किस मस्टर रोल में किस सदस्य की कितनी हाजिरी लगी। जॉब कार्ड में भी काम के दिनों की प्रविष्टि होनी चाहिए। जॉब कार्ड अपने पास रखें, किसी को सौंपें नहीं।
मजदूरी में धांधली के संकेत
| संकेत | क्या करें |
|---|---|
| — | — |
| आपने काम किया पर हाजिरी किसी और के नाम | रोजगार सहायक और कार्यक्रम अधिकारी को लिखित शिकायत |
| आपके जॉब कार्ड पर ऐसे दिनों की हाजिरी जब काम नहीं किया | यह फर्जीवाड़ा हो सकता है, तुरंत शिकायत करें |
| मजदूरी आई पर किसी ने निकलवा ली | बैंक में खाते की पूरी एंट्री देखें, ATM/पासबुक अपने पास रखें |
शौचालय बनाते समय ध्यान दें
शौचालय घर से थोड़ी दूरी पर, पानी के स्रोत (कुएं/हैंडपंप) से कम से कम 10 मीटर दूर बनाएं। दो गड्ढे वाला (ट्विन पिट) डिज़ाइन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि एक गड्ढा भरने पर दूसरा इस्तेमाल होता है और पहले वाले की खाद बन जाती है। शौचालय पूरा होने पर उसकी जियो-टैग फोटो भी जरूरी है।
उदाहरण
छत्तीसगढ़ के एक गांव में लाभार्थी के बेटे और बहू ने अपने घर पर 45-45 दिन खुदाई, ईंट ढुलाई और तराई का काम किया। रोजगार सहायक ने हर हफ्ते मस्टर रोल में हाजिरी लगाई। दोनों के खातों में मिलाकर 90 दिन की मजदूरी आई, जिससे मिस्त्री के भुगतान में बड़ी मदद मिली।
जॉब कार्ड में नया सदस्य कैसे जोड़ें
अगर परिवार का कोई वयस्क सदस्य, जैसे बहू, जॉब कार्ड में नहीं है, तो पंचायत में आवेदन देकर उसका नाम जुड़वाएं। साथ में आधार और फोटो दें। नाम जुड़ने के बाद ही उसकी हाजिरी मस्टर रोल में लग सकेगी। यह काम घर का निर्माण शुरू होने से पहले करवा लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
PM Awas में मनरेगा से कितने दिन की मजदूरी मिलती है?
मैदानी क्षेत्र में 90 दिन और पहाड़ी/पूर्वोत्तर/IAP क्षेत्र में 95 दिन।
क्या मजदूरी के लिए जॉब कार्ड जरूरी है?
हाँ, मजदूरी केवल जॉब कार्ड धारक सदस्य को मस्टर रोल के आधार पर मिलती है।
शौचालय के ₹12,000 कब मिलते हैं?
शौचालय पूरा होने और सत्यापन के बाद, अगर परिवार ने पहले यह लाभ नहीं लिया है।
क्या राजमिस्त्री को मनरेगा से भुगतान होगा?
नहीं, मनरेगा अकुशल मजदूरी के लिए है। कुशल मिस्त्री का भुगतान सहायता राशि से होता है।
हमने कैसे जांचा
यह जानकारी PMAY-G फ्रेमवर्क फॉर इम्प्लीमेंटेशन में मनरेगा अभिसरण (convergence) के प्रावधान, मनरेगा के भुगतान नियम और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रोत्साहन राशि से मिलाई गई है। मजदूरी दरें उदाहरण के लिए हैं। अंतिम समीक्षा: 15 अक्टूबर 2026।