PM Awas List MP 2026: मध्य प्रदेश ग्रामीण सूची, नाम और किस्त कैसे देखें

लेखक: Sarkari Jankari Guide | अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश में आवास योजना की बात हो और समग्र आईडी का जिक्र न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। MP के गांवों में लोग अक्सर पूछते हैं कि PM Awas List MP 2026 में नाम कैसे देखें, और नाम है तो पैसा कब आएगा। यहां की प्रक्रिया बाकी राज्यों जैसी ही है, लेकिन कुछ बातें MP के लिए खास हैं, जैसे जनपद पंचायत का नाम और समग्र में दर्ज जानकारी। चलिए आराम से समझते हैं।

ध्यान दें: यह एक स्वतंत्र जानकारी साइट है। हम कोई सूची जारी नहीं करते और किसी का नाम नहीं जोड़ सकते।

सबसे पहले: MP में “ब्लॉक” को क्या कहते हैं?

MP में ब्लॉक को आम बोलचाल में “जनपद” या “जनपद पंचायत” कहा जाता है। पोर्टल पर जब “Block” लिखा दिखे, तो वहां अपनी जनपद पंचायत चुननी है। बहुत से लोग यहां तहसील चुनने की कोशिश करते हैं और गांव नहीं मिलता। अगर आपको अपनी जनपद का नाम नहीं पता, तो अपनी समग्र प्रोफाइल देखें, वहां जनपद लिखी होती है।

PM Awas List MP 2026: सूची देखने के दो रास्ते

रास्ताकिसके लिए अच्छाक्या चाहिए
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पंचायत की पूरी सूचीजिनके पास रजिस्ट्रेशन नंबर नहींजिला, जनपद, पंचायत का नाम
रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटसजिनके पास नंबर हैरजिस्ट्रेशन नंबर (जैसे MP1234567)

पंचायत की सूची ऐसे खोलें

सरकारी रिपोर्ट पेज PMAY-G लाभार्थी विवरण रिपोर्ट खोलें। फिर:

  1. साल चुनें। MP में बहुत से घर 2024-25 और 2025-26 में स्वीकृत हुए हैं, दोनों देखें।
  2. State में MADHYA PRADESH।
  3. District, फिर Block में अपनी जनपद पंचायत, फिर Gram Panchayat।
  4. Scheme में Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin।
  5. कैप्चा का जवाब देकर Submit।

सूची में नाम मिलते ही रजिस्ट्रेशन नंबर अलग से लिख लें। MP के रजिस्ट्रेशन नंबर आम तौर पर “MP” से शुरू होते हैं।

रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस

अगर नंबर आपके पास है, तो पूरी सूची खोलने की जरूरत नहीं। सीधे स्टेटस देखें, तरीका यहां है: PMAY-G स्टेटस कैसे चेक करें। नंबर खो गया है तो रजिस्ट्रेशन नंबर ढूंढने की गाइड देखें।

समग्र आईडी का आवास योजना से क्या रिश्ता है?

MP में लगभग हर सरकारी योजना समग्र से जुड़ी है। आवास योजना की पात्रता केंद्र के सर्वे से तय होती है, लेकिन राज्य स्तर पर परिवार की पहचान और सत्यापन में समग्र की जानकारी काम आती है। इसलिए:

  • समग्र में परिवार के मुखिया और सदस्यों के नाम सही हों।
  • मुखिया की समग्र eKYC पूरी हो।
  • बैंक खाता आधार से जुड़ा और DBT सक्रिय हो।

अगर समग्र में नाम या पता गलत है, तो सत्यापन में देर हो सकती है। ऐसे मामलों में पहले समग्र ठीक करवाएं, फिर आवास के लिए पंचायत से बात करें।

MP में नाम न मिलने के आम कारण

हमने पाठकों से जो सवाल आते हैं, उनमें ये कारण सबसे ज्यादा दिखे:

1. परिवार अलग हो गया, सर्वे पुराने परिवार के नाम पर था। भाइयों के अलग होने पर पुराना सर्वे पिता के नाम पर ही रह जाता है। नए परिवार का नाम आवास प्लस सर्वे में अलग से दर्ज होना चाहिए।

2. सत्यापन में अपात्र। पक्की छत वाला मकान, सरकारी नौकरी वाला सदस्य, 50 हजार से ज्यादा की केसीसी सीमा, या चार पहिया वाहन जैसे कारणों से नाम हट सकता है। पूरी पात्रता हमारी PMAY-G पात्रता गाइड में है।

3. गलत जनपद। जैसा ऊपर बताया, जनपद गलत चुनने पर पंचायत ही नहीं दिखती।

4. नाम अभी सूची में आया ही नहीं। हर साल का लक्ष्य सीमित होता है। प्राथमिकता सूची में आगे वालों को पहले मौका मिलता है।

नाम कटने का कारण जानने और आपत्ति कैसे करें, यह PM Awas Rejected List गाइड में विस्तार से है।

स्वीकृति के बाद MP में काम कैसे आगे बढ़ता है

स्वीकृति के बाद पहली किस्त आती है, फिर नींव, लिंटर (छत स्तर) और छत पूरी होने पर फोटो के साथ जियो-टैगिंग होती है। हर चरण की फोटो आवास सहायक या रोजगार सहायक ऐप से अपलोड करते हैं। अगर फोटो अपलोड नहीं हुई, तो अगली किस्त रुक जाती है। यह पूरी प्रक्रिया हमने जियो-टैगिंग स्टेटस गाइड में समझाई है।

साथ में मनरेगा से 90-95 दिन की मजदूरी और स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय की राशि भी मिल सकती है। इनके बारे में मनरेगा मजदूरी और शौचालय लाभ देखें।

एक असली स्थिति

सागर जिले की एक महिला लाभार्थी की दूसरी किस्त 4 महीने से नहीं आई थी। सूची में नाम था, पहली किस्त भी आई थी। जनपद कार्यालय में पूछने पर पता चला कि नींव की जियो-टैग फोटो “Rejected” थी, क्योंकि फोटो में लाभार्थी खुद मौजूद नहीं थीं। दोबारा सही फोटो लेने के करीब 3 हफ्ते बाद किस्त आ गई। मतलब, सूची में नाम होना पहला कदम है, आगे की हर फोटो और सत्यापन उतना ही जरूरी है।

MP में संपर्क कहां करें

  • ग्राम पंचायत सचिव / रोजगार सहायक: सर्वे, सूची, फोटो।
  • जनपद पंचायत (CEO कार्यालय): स्वीकृति, किस्त, आवास सहायक।
  • CM हेल्पलाइन 181: जब नीचे के स्तर पर सुनवाई न हो।

पूरी सूची और राष्ट्रीय नंबर हेल्पलाइन नंबर गाइड में हैं।

एक और स्थानीय बात

MP में लक्ष्य हर साल जनपद स्तर पर बांटा जाता है। इसलिए पड़ोसी पंचायत में नाम आने से यह तय नहीं होता कि आपका भी तुरंत आएगा। अपने जनपद के लक्ष्य और प्राथमिकता सूची पंचायत सचिव से पूछें।

MP में ग्राम सभा और प्राथमिकता सूची

आवास प्लस सर्वे के बाद पात्र परिवारों की प्राथमिकता सूची ग्राम सभा में रखी जाती है। यहां गांव के लोग आपत्ति दे सकते हैं, जैसे किसी अपात्र का नाम या किसी पात्र परिवार का छूट जाना। अगर आपका नाम छूटा है, तो ग्राम सभा सबसे सही मौका है। वहां लिखित आवेदन दें और पंचायत सचिव से उसकी रिसीविंग लें। MP में ग्राम सभा की बैठकें आम तौर पर तय तारीखों पर होती हैं, जैसे 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर। इसके अलावा विशेष ग्राम सभाएं भी बुलाई जाती हैं।

किस्त में देरी के MP वाले आम कारण

कारणकैसे पता चलेगासमाधान
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समग्र eKYC अधूरीसमग्र पोर्टल पर स्टेटसeKYC पूरी करें
बैंक खाता फ्रीज/निष्क्रियबैंक पासबुक अपडेट नहींबैंक में KYC करवाएं
फोटो Rejectedआवास सहायक बताएगासही चरण की नई फोटो
FTO बना पर फेलस्टेटस में “Failed”खाता नंबर/IFSC जांचें

अगर किस्त अटकी हो, तो पूरे समाधान के लिए किस्त नहीं आई तो क्या करें पढ़ें। दूसरे राज्य में रहने वाले रिश्तेदारों के लिए हमारी UP सूची गाइड भी काम आ सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

MP की आवास सूची PDF में मिलती है क्या?

रिपोर्ट पेज पर सूची स्क्रीन पर खुलती है। ब्राउज़र के Print विकल्प से “Save as PDF” करके रख सकते हैं।

क्या समग्र आईडी से PM Awas सूची देख सकते हैं?

सीधे समग्र आईडी से सूची नहीं खुलती। पंचायत की सूची या रजिस्ट्रेशन नंबर से देखें।

जनपद का नाम कैसे पता करें?

समग्र प्रोफाइल में जनपद लिखी होती है, या पंचायत सचिव से पूछ लें।

सूची में नाम है पर “Sanctioned” नहीं लिखा, इसका मतलब?

नाम पात्र सूची में है लेकिन अभी स्वीकृति नहीं मिली। लक्ष्य आने पर स्वीकृति दी जाती है।

MP में आवास के लिए कोई अलग फॉर्म है?

PMAY-G में अलग फॉर्म नहीं भरा जाता। सर्वे से नाम जुड़ता है।

हमने कैसे जांचा

यह लेख ग्रामीण आवास रिपोर्ट पोर्टल के फिल्टर, PMAY-G दिशानिर्देश और MP के पाठकों के बताए अनुभवों पर आधारित है। अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026। नियम या पोर्टल बदलने पर हम इसे अपडेट करते हैं।

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