PMAY-G और PMAY-U 2.0 में क्या अंतर है

लेखक: Sarkari Jankari Guide | अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026

PMAY-G vs PMAY-U का सवाल उन परिवारों के लिए सबसे जरूरी है जो कस्बे और गांव की सीमा पर रहते हैं, या जिनका परिवार गांव में है पर कमाने वाला सदस्य शहर में। प्रधानमंत्री आवास योजना दो हिस्सों में चलती है: ग्रामीण (PMAY-G), जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है, और शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0), जिसे आवास और शहरी कार्य मंत्रालय चलाता है। दोनों का उद्देश्य पक्का घर देना है, लेकिन राशि, चयन का तरीका, आय सीमा और आवेदन की प्रक्रिया बिल्कुल अलग हैं। गलत योजना में आवेदन करने से समय बर्बाद होता है, इसलिए यह अंतर समझना जरूरी है।

यह वेबसाइट सरकारी नहीं है। यह तुलना सार्वजनिक गाइडलाइन के आधार पर समझाने के लिए है।

PMAY-G vs PMAY-U 2.0: मुख्य तुलना

बिंदुPMAY-G (ग्रामीण)PMAY-U 2.0 (शहरी)
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क्षेत्रग्राम पंचायत क्षेत्रनगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत क्षेत्र
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालयआवास और शहरी कार्य मंत्रालय
चयन का आधारSECC 2011 + AwaasPlus सर्वे, ग्राम सभा सत्यापनऑनलाइन आवेदन, आय और पात्रता की जांच
सहायता राशि₹1.20 लाख (पहाड़ी/पूर्वोत्तर ₹1.30 लाख)BLC में लगभग ₹2.50 लाख (केंद्र+राज्य)
आय सीमासर्वे के अपवर्जन मानदंड से तयEWS ₹3 लाख, LIG ₹3–6 लाख, MIG ₹6–9 लाख सालाना
घटक (verticals)एक ही: खुद घर बनानाBLC, AHP, ARH, ISS (4 घटक)
लोन पर सब्सिडीनहीं (₹70,000 तक वैकल्पिक लोन)ISS में ब्याज सब्सिडी, अधिकतम लगभग ₹1.80 लाख
आवेदन कहाँसर्वे/AwaasPlus ऐप, पंचायतpmaymis.gov.in पोर्टल या नगर निकाय
अतिरिक्त लाभमनरेगा मजदूरी, शौचालय राशिराज्य का अतिरिक्त अंश, सस्ते किराये के घर

पहला अंतर: आप कहाँ रहते हैं

सबसे पहला सवाल यही है कि आपका घर किस क्षेत्र में है। अगर जमीन ग्राम पंचायत की सीमा में है तो PMAY-G लागू होगी, भले ही वह शहर के पास हो। अगर क्षेत्र नगर निकाय में शामिल हो चुका है, तो PMAY-U 2.0 में आवेदन करना होगा। कई गांव हाल में नगर पंचायत में शामिल हुए हैं, इसलिए अपने वार्ड या पंचायत की वर्तमान स्थिति तहसील या नगर पालिका कार्यालय से पक्का करें।

दूसरा अंतर: चयन कैसे होता है

PMAY-G में आप खुद फॉर्म भरकर लाभार्थी नहीं बन सकते। सरकार के सर्वे (SECC 2011, AwaasPlus 2018 और AwaasPlus 2024) में दर्ज परिवारों में से वंचना के आधार पर प्राथमिकता सूची बनती है, और ग्राम सभा उसे सत्यापित करती है। PMAY-U 2.0 में पात्र व्यक्ति खुद ऑनलाइन आवेदन करता है, फिर नगर निकाय उसकी जांच करता है। ग्रामीण आवेदन की प्रक्रिया PMAYG Apply कैसे करें में और शहरी आवेदन PMAY-U 2.0 ऑनलाइन आवेदन 2026 में समझाया गया है।

तीसरा अंतर: पैसा कितना और कैसे

ग्रामीण योजना में राशि सीधे लाभार्थी के खाते में किस्तों में आती है। शहरी योजना के BLC (लाभार्थी द्वारा निर्माण) घटक में भी किस्तें मिलती हैं, लेकिन राशि ज्यादा होती है क्योंकि शहर में लागत ज्यादा है। ISS घटक में पैसा सीधे नहीं मिलता, बल्कि होम लोन के ब्याज पर सब्सिडी मिलती है। ग्रामीण किस्तों का पूरा हिसाब PM Awas Gramin पैसा और किस्तें में और ब्याज सब्सिडी PMAY-U 2.0 Interest Subsidy Scheme में पढ़ें।

चौथा अंतर: पात्रता और आय सीमा

PMAY-G में कोई तय आय प्रमाण पत्र नहीं मांगा जाता। अपवर्जन मानदंड लागू होते हैं, जैसे पक्का घर होना, सरकारी नौकरी, आयकरदाता होना, या एक तय सीमा से ज्यादा मासिक आय। PMAY-U 2.0 में आय वर्ग के आधार पर पात्रता तय होती है, और शर्त यह है कि परिवार के पास देश में कहीं भी पक्का घर न हो। ग्रामीण पात्रता PMAY-G पात्रता 2026 में और शहरी आय सीमा PMAY-U 2.0 पात्रता और आय सीमा में विस्तार से है।

पांचवां अंतर: घर का आकार और डिज़ाइन

PMAY-G में घर कम से कम 25 वर्ग मीटर का होना चाहिए, जिसमें रसोई की जगह हो। PMAY-U 2.0 में EWS घर आम तौर पर 30 वर्ग मीटर तक कारपेट एरिया का होता है, और राज्य अपने नियम से इसे बढ़ा सकते हैं। AHP में बिल्डर या सरकारी एजेंसी फ्लैट बनाकर देती है।

छठा अंतर: महिला स्वामित्व

दोनों योजनाओं में घर महिला के नाम पर या संयुक्त नाम पर रखने को प्राथमिकता दी जाती है। शहरी योजना में विधवा, एकल महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, SC/ST और अल्पसंख्यकों को विशेष प्राथमिकता बताई गई है।

सातवां अंतर: किराये का विकल्प

PMAY-U 2.0 में Affordable Rental Housing (ARH) घटक है, जिसके तहत प्रवासी मजदूरों, कामकाजी महिलाओं और छात्रों के लिए सस्ते किराये के घर बनते हैं। ग्रामीण योजना में ऐसा कोई विकल्प नहीं है।

आठवां अंतर: स्टेटस कहाँ देखें

ग्रामीण स्टेटस pmayg.nic.in के लाभार्थी पेज पर देखा जाता है। तरीका PMAYG Status कैसे चेक करें में है। शहरी आवेदन का स्टेटस PMAY-U 2.0 पोर्टल पर आवेदन नंबर या आधार से देखा जाता है।

नौवां अंतर: क्या दोनों का लाभ एक साथ ले सकते हैं?

नहीं। एक परिवार को किसी भी केंद्रीय आवास योजना का लाभ एक बार ही मिलता है। अगर गांव में PMAY-G से घर मिल चुका है, तो शहर में PMAY-U 2.0 का लाभ नहीं मिलेगा, और उल्टा भी यही नियम है। आधार से इसकी जांच होती है, इसलिए दोनों में आवेदन करने की कोशिश न करें।

आपके लिए कौन-सी योजना सही है: आसान फैसला

आपकी स्थितिसही योजना
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गांव में कच्चा घर, नाम सर्वे में दर्जPMAY-G
गांव में रहते हैं, नाम सर्वे में नहींपंचायत से AwaasPlus सर्वे के बारे में पूछें
शहर में अपनी जमीन, आय ₹3 लाख तकPMAY-U 2.0 (BLC)
शहर में पहला घर खरीदना, होम लोन लेंगेPMAY-U 2.0 (ISS)
शहर में किराये पर रहने वाले प्रवासी मजदूरPMAY-U 2.0 (ARH)

गांव और शहर के बीच रहने वाले परिवारों की आम स्थितियां

स्थितिक्या करें
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गांव नगर पंचायत में शामिल हो गया, PMAY-G में नाम थाब्लॉक से पूछें कि स्वीकृत घर पुरानी योजना में पूरा होगा या नहीं
परिवार गांव में, बेटा शहर में अलग रहता हैबेटा अलग परिवार के रूप में शहरी योजना देख सकता है, शर्तें पूरी हों तो
शहर में किराये पर, गांव में कच्चा घरशहरी योजना में पात्र हो सकते हैं, क्योंकि कच्चा घर पक्का नहीं माना जाता

आवेदन से पहले तहसील या नगर निकाय से क्या पूछें

  1. मेरा मकान या जमीन वर्तमान में ग्राम पंचायत में है या नगरीय निकाय में?
  2. मेरे वार्ड/गांव में कौन-सी आवास योजना चल रही है?
  3. क्या मेरे परिवार के किसी सदस्य को पहले किसी आवास योजना का लाभ मिला है?

इन तीन सवालों के जवाब से सही योजना तय हो जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

PMAY-G और PMAY-U में ज्यादा पैसा किसमें मिलता है?

सीधी सहायता शहरी BLC में ज्यादा है (लगभग ₹2.50 लाख)। ग्रामीण में ₹1.20–1.30 लाख के साथ मनरेगा मजदूरी और शौचालय राशि भी मिलती है।

गांव का व्यक्ति शहर की योजना में आवेदन कर सकता है?

हाँ, अगर वह शहर में रहता है, वहां घर बनाना या खरीदना चाहता है, और परिवार के पास कहीं पक्का घर नहीं है।

नगर पंचायत किस योजना में आती है?

नगर पंचायत शहरी स्थानीय निकाय है, इसलिए वहां PMAY-U 2.0 लागू होती है।

दोनों योजनाओं में आधार जरूरी है?

हाँ, दोनों में आधार से पहचान और डुप्लीकेट जांच होती है।

हमने कैसे जांचा

यह तुलना PMAY-G फ्रेमवर्क फॉर इम्प्लीमेंटेशन, PMAY-U 2.0 की परिचालन गाइडलाइन (2024) और pmay-urban.gov.in पर दी गई जानकारी से बनाई गई है। शहरी राशि में राज्य का अंश अलग-अलग हो सकता है। अंतिम समीक्षा: 15 अक्टूबर 2026।