लेखक: Sarkari Jankari Guide | अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
PM Awas shikayat करने का सही तरीका जानना हर लाभार्थी का अधिकार है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में किस्त रुकना, पात्र होते हुए नाम कट जाना, पंचायत में पैसे की मांग, गलत व्यक्ति को घर मिलना या जियो-टैगिंग में देरी जैसी समस्याएं आम हैं। लोग अक्सर गलत जगह शिकायत करके थक जाते हैं। इस लेख में हम शिकायत के 5 स्तर, किस समस्या के लिए कहाँ जाएं, शिकायत पत्र कैसे लिखें और पावती क्यों जरूरी है, यह सब बता रहे हैं।
यह वेबसाइट सरकारी नहीं है। हम शिकायत दर्ज नहीं करते, केवल सही रास्ता बताते हैं।
PM Awas shikayat: किस समस्या के लिए कहाँ
| समस्या | पहला स्तर | आगे |
|---|---|---|
| — | — | — |
| किस्त नहीं आई | बैंक, फिर पंचायत सचिव | BDO |
| जियो-टैग में देरी | आवास मित्र/रोजगार सहायक | BDO |
| पात्र होते हुए नाम कटा | ग्राम सभा में आपत्ति | अपीलीय समिति (ब्लॉक/जिला) |
| रिश्वत/पैसे की मांग | BDO को लिखित | जिला कलेक्टर, भ्रष्टाचार निरोधक |
| अपात्र को घर मिला | ग्राम सभा, सोशल ऑडिट | BDO/CEO जिला पंचायत |
| मनरेगा मजदूरी नहीं मिली | रोजगार सहायक | कार्यक्रम अधिकारी (ब्लॉक) |
शिकायत के 5 स्तर
स्तर 1: ग्राम पंचायत और ग्राम सभा
पंचायत सचिव और आवास मित्र के पास पंचायत का पूरा रिकॉर्ड होता है। ज्यादातर समस्याएं यहीं हल होती हैं। सूची पर आपत्ति ग्राम सभा की बैठक में दर्ज करवाएं और कार्यवाही रजिस्टर में नाम लिखवाएं।
स्तर 2: ब्लॉक (BDO/आवास शाखा)
ब्लॉक विकास अधिकारी PMAY-G का ब्लॉक स्तर का जिम्मेदार अधिकारी है। लिखित आवेदन दें और उसकी पावती (receiving) जरूर लें।
स्तर 3: जिला (CEO जिला पंचायत/कलेक्टर)
ब्लॉक से 30 दिन में हल न हो तो जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी या कलेक्टर की जनसुनवाई में जाएं।
स्तर 4: राज्य हेल्पलाइन
ज्यादातर राज्यों में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन है, जैसे मध्य प्रदेश में 181 और उत्तर प्रदेश में 1076। यहां दर्ज शिकायत संबंधित अधिकारी को समय सीमा के साथ भेजी जाती है।
स्तर 5: केंद्र (CPGRAMS)
भारत सरकार के केंद्रीय लोक शिकायत पोर्टल CPGRAMS पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। मंत्रालय में “Ministry of Rural Development” चुनें। हर शिकायत का रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है जिससे स्थिति देखी जा सकती है।
शिकायत पत्र कैसे लिखें (नमूना)
सेवा में, खंड विकास अधिकारी, विकास खंड ______, जिला ______।
विषय: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की दूसरी किस्त न मिलने के संबंध में।
महोदय, मैं ______, पिता/पति ______, ग्राम पंचायत ______ का निवासी हूं। मेरा PMAY-G रजिस्ट्रेशन नंबर ______ है। मेरे घर का प्लिंथ स्तर का काम ______ तारीख को पूरा हो गया और जियो-टैग फोटो ली गई, लेकिन अब तक दूसरी किस्त नहीं मिली है। कृपया जांच करके भुगतान करवाने की कृपा करें। संलग्न: स्टेटस का प्रिंट, पासबुक की कॉपी। प्रार्थी: नाम, मोबाइल नंबर, तारीख।
शिकायत के साथ क्या लगाएं
| दस्तावेज | क्यों |
|---|---|
| — | — |
| रजिस्ट्रेशन नंबर | रिकॉर्ड खोजने के लिए |
| स्टेटस का प्रिंट/स्क्रीनशॉट | समस्या का प्रमाण |
| पासबुक की कॉपी | भुगतान न आने का प्रमाण |
| आधार की कॉपी (उद्देश्य लिखकर) | पहचान |
| पिछली शिकायत की पावती | आगे के स्तर पर |
रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पता तो PMAY-G रजिस्ट्रेशन नंबर कैसे खोजें देखें। स्टेटस PMAY-G लाभार्थी खोज पेज से निकालें।
सोशल ऑडिट: सामूहिक शिकायत का मजबूत तरीका
हर साल ग्राम सभा में PMAY-G का सोशल ऑडिट होता है, जिसमें लाभार्थियों की सूची, भुगतान और निर्माण की स्थिति सार्वजनिक रूप से पढ़ी जाती है। अगर पंचायत में कई लोगों की एक जैसी समस्या है, तो सोशल ऑडिट में मिलकर उठाएं। सूची पहले से PM Awas Gramin List 2026 वाले तरीके से निकालकर ले जाएं।
रिश्वत की मांग हो तो
किसी भी चरण पर पैसे की मांग गैरकानूनी है। मांग करने वाले का नाम, तारीख और गवाह लिखकर रखें। लिखित शिकायत BDO और कलेक्टर को दें। कई राज्यों में लोकायुक्त/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में भी शिकायत होती है। ऑनलाइन ठगी के मामले में 1930 पर कॉल करें। विस्तार से PMAY फर्जी वेबसाइट और ठगी से बचाव में है।
शिकायत असरदार बनाने के सुझाव
- हमेशा लिखित शिकायत दें और पावती लें। मौखिक शिकायत का रिकॉर्ड नहीं रहता।
- एक शिकायत में एक ही समस्या लिखें, साफ और छोटी।
- तारीखें और रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर लिखें।
- 30 दिन में जवाब न मिले तो अगले स्तर पर पिछली पावती के साथ जाएं।
- फोन पर मिले जवाब को तारीख के साथ नोट करें।
किस्त की समस्या के लिए पहले यह पढ़ें
अक्सर किस्त की समस्या बैंक में आधार सीडिंग से जुड़ी होती है, जिसे शिकायत से पहले ही ठीक किया जा सकता है। देखें PM Awas किस्त नहीं आई: 7 कारण।
शिकायत का रिकॉर्ड कैसे रखें
एक छोटी कॉपी बनाएं जिसमें हर शिकायत की तारीख, किसे दी, पावती नंबर, मिला जवाब और अगली तारीख लिखें। मोबाइल में स्टेटस और पावती की फोटो एक अलग फोल्डर में रखें। जब आप अगले स्तर पर जाते हैं, तो यही रिकॉर्ड दिखाता है कि आपने नियम के अनुसार पहले निचले स्तर पर कोशिश की थी। इससे अधिकारी शिकायत को गंभीरता से लेते हैं।
किस्त की देरी पर शिकायत का उदाहरण
| चरण | क्या हुआ | नतीजा |
|---|---|---|
| — | — | — |
| दिन 1 | प्लिंथ पूरा, जियो-टैग हुआ | — |
| दिन 30 | किस्त नहीं आई, पंचायत सचिव से पूछा | “ब्लॉक में लंबित” जवाब |
| दिन 35 | BDO को लिखित आवेदन, पावती ली | — |
| दिन 50 | कोई जवाब नहीं, 181/1076 पर शिकायत | शिकायत नंबर मिला |
| दिन 60 | ब्लॉक से FTO बना | किस्त खाते में |
यह उदाहरण दिखाता है कि हर स्तर पर लिखित रिकॉर्ड और तय समय के बाद अगले स्तर पर जाना असरदार है।
ऑनलाइन शिकायत में जरूरी जानकारी
CPGRAMS या राज्य पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते समय ये फील्ड ध्यान से भरें: राज्य, जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत, PMAY-G रजिस्ट्रेशन नंबर, समस्या का प्रकार, और समस्या कब से है। विवरण में 4–5 पंक्तियों में साफ लिखें कि क्या हुआ, किससे बात की और क्या जवाब मिला। स्क्रीनशॉट या पावती की फोटो संलग्न करें। शिकायत नंबर नोट करें और हर हफ्ते स्थिति देखें।
गलत लाभार्थी की शिकायत कैसे करें
अगर किसी अपात्र व्यक्ति, जैसे पहले से पक्के घर वाले या सरकारी कर्मचारी के परिवार को घर मिला है, तो ग्राम सभा या सोशल ऑडिट में यह मुद्दा उठाएं। लिखित शिकायत में लाभार्थी का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और अपात्रता का कारण लिखें। निजी दुश्मनी में झूठी शिकायत न करें, क्योंकि जांच में सच्चाई सामने आ जाती है।
शिकायत करते समय भाषा कैसी हो
शिकायत में गुस्से या आरोप की भाषा की जगह तथ्य लिखें: तारीख, क्या हुआ, किसने कहा और आप क्या चाहते हैं। “मुझे दूसरी किस्त दिलाई जाए” या “मेरा नाम दोबारा जांचकर सूची में जोड़ा जाए” जैसी साफ मांग लिखें। ऐसी शिकायत पर अधिकारी जल्दी कार्रवाई करते हैं।
शिकायत के बाद फॉलो-अप
शिकायत देने के 7–10 दिन बाद संबंधित कार्यालय में जाकर या फोन से स्थिति पूछें और जवाब अपनी कॉपी में लिखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
PM Awas shikayat का टोल फ्री नंबर क्या है?
राज्य की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (जैसे MP 181, UP 1076) सबसे असरदार है। केंद्र स्तर पर CPGRAMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें।
ऑनलाइन शिकायत कहाँ करें?
pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर, मंत्रालय में ग्रामीण विकास मंत्रालय चुनकर।
शिकायत का जवाब कितने दिन में आता है?
CPGRAMS पर आम तौर पर 30 दिन के भीतर निपटारे का लक्ष्य होता है। राज्य हेल्पलाइन की अपनी समय सीमा होती है।
नाम कटने की अपील कहाँ करें?
ग्राम सभा में आपत्ति के बाद ब्लॉक/जिला स्तर की अपीलीय समिति में।
हमने कैसे जांचा
शिकायत के स्तर PMAY-G फ्रेमवर्क फॉर इम्प्लीमेंटेशन में शिकायत निवारण और सोशल ऑडिट के प्रावधानों, CPGRAMS की प्रक्रिया और राज्य हेल्पलाइनों की सार्वजनिक जानकारी पर आधारित हैं। हेल्पलाइन नंबर अपने राज्य में पुष्टि करें। अंतिम समीक्षा: 15 अक्टूबर 2026।